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"चलता गया"

चलता गया चलता गया,
ना इधर देखा ना उधर,
सामने आ गई मंजिल,
बन गई सीधी सी डगर,
ना इस पार ना उस पार,
बस चलता गया मैं लगातार,
फिर मिल गई मंजिल,
लगा मिल गई खुशी अपार,
फिर होने लगी मेरी जयजयकर,
यह नतीजा था लगातार चलने का,
इधर उधर ना भटकने का,
प्रदर्शित इसी तरह करता है सब कोई,
परन्तु मेरी हार को नहीं देखता कोई,
मेरी इस जीत में हार भी थी,
इसे आलोचनाएं भी खेलनी पड़ी थीं,
यह तो बस मैं ही जानता हूं,
परन्तु इस जीत में एक खास बात है,
इसमें आत्मसम्मान बहुत ही ज्यादा है,
जो मन को बहुत शुख पहुंचता है।।


शीख: लगे रहिए और जीतते रहिए।।
🏃🏃🏃🤗🌝✌️🤩🏃🏃🏃

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जरा संभलकर चलना

मानने वाले मान जाएंगे, जानने वाले जान जाएंगे, समझने वाले समझ जाएंगे, जो कमजोर होंगे उनका पता नहीं, जो मजबूत होंगे वो हिलेंगे भी नहीं, पर अगर तुम सही हुए तो, थोड़ा ही उठ पाओगे, जो अगर तुम गलत हुए तो, तुम बिल्कुल ही नीचे आ जाओगे, तो संभलकर चलना जनाब पता नहीं कहां न पहुंच जाओ। Be a champion

"मां तेरी तारीफ के लिए"

मां तेरी तारीफ के लिए, मेरे पास शब्द नहीं, मुझे खुशी देने के लिए, मां तूने कितने गम सहे, इन गमों की कोई सीमा नहीं, तेरी ख़ुशी के लिए मां, तू मुझे कष्ट सहने देती क्यों नहीं, मां तेरी तारीफ के लिए , मेरे पास शब्द नहीं, मां तेरी तारीफ के लिए, मेरे पास शब्द नहीं। मेरे सिर पर बना रहे सदा हाथ तेरा, मैं मांगू और कुछ भी तो नहीं, मां तेरा प्यार मेरे साथ है, मुझे कोई कष्ट छू सकता नहीं, मां तेरे जैसा इस दुनिया में, मेरे लिए दूसरा कोई और नहीं, मां तेरी तारीफ के लिए, मेरे पास शब्द नहीं, मां तेरी तारीफ के लिए, मेरे पास शब्द नहीं। मां अब तू खुशी सहन कर, मां अब और कष्ट नहीं, मां अब तू रोए, मैं देख सकता नहीं, मां अब तू कष्ट सहे, मुझे मंजूर नहीं, मां तूने मेरे लिए कष्ट सहे, तो मां मैं तेरे लिए क्यों नहीं, मां तेरी तारीफ के लिए, मेरे पास शब्द नहीं, मां तेरी तारीफ के लिए, मेरे पास शब्द नहीं। मां तेरे सिवा कोई और, मुझे भर पेट खिला सकता नहीं, मां तेरे सिवा कोई और, खयाल मेरा रखता नहीं, मां तू भगवान नहीं, उससे भी बढ़कर कहीं ज्यादा है, भगवान को सुनने में देर लगती है, ...

"नाम कोरोना वायरस है"

दुनिया के इतिहास में, घटना घट गई भारी है, नाम कोरोना वायरस है, जिससे उभरी यह एक महामारी है, यह एक खतरनाक बीमारी है, जो पड़ी मानवता पर भारी है, इसने जनता मारी बहुत सारी है, मार अभी भी इसकी जारी है, जन्मभूमि इसकी वुहान है, जन्मदाता इसका चाइना अहंकारी है, चारो ओर गूंज रही वायरस की किलकारी है, जन्म इसका पड़ा विश्व पर भारी है, दुनिया के इतिहास में, घटना घट गई भारी है, नाम कोरोना वायरस है, जिससे उभरी यह एक महामारी है, यह आफत चाइना ने डारी है, जो पड़ी सारी दुनिया पर भारी है, चारो ओर केवल लाचारी है, इसकी कोई ना दवाई निकारी है, भूल यह चीन तेरी है, जिससे गाज सब पर गिरी है, विकसित देशों की भी इसने शान उतारी है, केवल शक्तिशाली वायरस ने बाज़ी मारी है, दुनिया के इतिहास में, घटना घट गई भारी है, नाम कोरोना वायरस है, जिससे उभरी यह एक महामारी है, अभी हिंदुस्तान में थोड़ी सुधारी है, यहां प्रधानमंत्री की चौकीदारी है, कि कोई ना लक्ष्मण रेखा लांघै, यह किया आदेश जारी है, कि कोई न घर से बाहर निकरै, यह आदेश सरकारी है, सब रहो घर के भीतर, अगर जान अपनी प्यारी है, दुनिया के इति...